अब और मन नहीं करता ह वैसे जीने में
अब और मन नहीं करता ह किसी की फिकर करने में
अब मन नहीं करता किसी के जीवन का वर्चस्व्य जानने का

अब मन नहीं करता किसी पराये को अपना बनाने का
अब मन नहीं करता किसी हर किसी से मन लगाने का

अब मन करता ह उसके साथ रहने का जो हँसता है
अब मन लगता है तोह बस जीने मे